केंद्रीय मंत्री निशंक के प्रयास से सवरने की ओर चौरास स्टेडियम।

गढ़वाल विश्वविद्यालय के चौरास परिसर के पुनर्निर्माण हेतु मानव संसाधन विकास मंत्री, भारत सरकार डॉ० रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ के प्रयास से रेलवे मंत्रालय द्वारा ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल मार्ग पर रानीहाट-चौरास के समीप रेल मार्ग एवं स्टेशन के निर्माण से प्राप्त होने वाली डिस्पोजेबल उत्खनन सामग्री यथा मिट्टी, पत्थर इत्यादि को विश्वविद्यालय के चौरास परिसर में क्षतिग्रस्त आउटडोर स्टेडियम की पुनर्स्थापना हेतु डम्प की सहमति प्रदान कर दी है।

ज्ञात हो कि वर्ष २०१३ में अलकनंदा में भारी बाढ़ के कारण गढ़वाल विश्वविद्यालय के चौरास परिसर का आउटडोर स्टेडियम क्षतिग्रस्त हो गया था एवं लंबे समय से इसके पुनर्निर्माण का कार्य लंबित था। इस हेतु विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा मानव संसाधन विकास मंत्री, भारत सरकार को पत्र लिखकर ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे लाइन निर्माण प्रक्रिया में अनुपयोगी मिट्टी-पत्थर का इसके पुनर्निर्माण में प्रयोग करवाने हेतु कार्यवाही हेतु निवेदन किया था।

विश्वविद्यालय द्वारा केंद्रीय मंत्री को बताया गया कि इस हेतु विश्वविद्यालय द्वारा रेल विकास निगम प्राधिकरण ऋषिकेश को पत्र लिखकर सी०एस०आर० के तहत आर०वी०एन०एल० के माध्यम से कार्य करने हेतु अनुरोध किया जा चुका है।

छात्रों और क्षेत्र के युवाओं के हित को ध्यान में रखते हुए केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री डॉ० निशंक द्वारा इस प्रकरण का तुरंत ही संज्ञान लेते हुए रेल मंत्रालय एवं रेल विकास निगम प्राधिकरण ऋषिकेश से वार्ता कर शीध्र ही इस कार्य हेतु कार्यवाही करने को कहा था। डॉ० निशंक के प्रयास से रेलवे मंत्रालय द्वारा इस पर की जा रही कार्यवाही के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन, प्राध्यापकों एवं विद्यार्थियों द्वारा केंद्रीय मंत्री का आभार व्यक्त किया गया।

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