सीएम आवास से जाॅज एवरेस्ट तक जाएंगे साइकिलों से

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सीएम आवास से जाॅज एवरेस्ट तक जाएंगे साइकिलों से
उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद और स्पर्श हिमालय कर रहे हैं रैली का आयोजन
सुबह साढ़े छह बजे मुख्यमंत्री करेंगे रैली को रवाना, प्रतिभागियों में उत्साह
देहरादूनः पर्यावरण, पर्यटन, अध्यात्म, ज्ञान-विज्ञान, संस्कृति आदि के क्षेत्र में कार्य कर अपने दायित्वों का निर्वाह करता आ रहा स्पर्श हिमालय इस बार राज्य स्थापना दिवस पर महती भूमिका निभा रहा है। उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद और स्पर्श हिमालय एक साइकिल रैली का आयोजन कर रहे हैं। ’हील विद व्हील्स’ नामक इस रैली को रविवार सुबह 6.30 बजे मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। रैली सीएम आवास से आरंभ होगी, जो जाॅर्ज एवरेस्ट तक जाएगी। रैली के वहां पहुंचने के बाद राइडर्स द्वारा एयर बैलून शो का आयोजन किया जाएगा।
स्पर्श हिमालय पर्यावरण, पर्यटन, अध्यात्म, ज्ञान-विज्ञान, संस्कृति आदि विषयों पर कार्य करने वाला एक प्लेटफाॅर्म है। हिमालय को केंद्र में रखकर वह इसके संरक्षण को लेकर प्रतिबद्ध है। स्पर्श हिमालय इन विभिन्न विषयों पर संवाद और अभियान कार्यक्रमों का आयोजन अपनी रचनात्मक भूमिका निभाता है। इस बार उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में वह उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद के साथ रैली आयोजित कर रहा है। यह बाइसिकिल रैली एक तरफ 30 किलोमीटर दूरी की होगी। मुख्यंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत इसे रवाना करेंगे। सीएम आवास से शुरू होकर रैली किमारी, बसागथ मार्ग से होकर जाॅर्ज एवरेस्ट पर पहुंचेगी। यूटीडीबी की ओर से रैली मार्ग में चार जगह जलपान व रिफ्रेशमेंट की व्यवस्था की गयी है। वहां पर स्वयंसेवक तैनात रहेंगे।
कोविड-19 से बचाव व सुरक्षा के दिशा-निर्देंशों का पालन करते हुए साइकिल चालक 10-10 के समूह में आगे बढ़ेंगे। रैली को पुलिस विभाग भी सहयोग कर रहा है। रैली के सुचारु संचालन के लिए मार्शल गु्रप सड़क सुरक्षा और यातायात की निगरानी करेगा। रैली में यूटीडीबी द्वारा प्रतिभागियों की सुरक्षा व सुविधा के लिए 108 एंबुलैंस सहित चिकित्सा दल व औषधि की व्यवस्था की गई है।
स्पर्श हिमालय की संयोजिका सीमा शर्मा ने बताया कि प्रदेश में रोमांचकारी पर्यटन को बढ़ावा देने में ऐसे अभियान कारगर साबित होंगे। यह साइकिल रैली उत्तराखंड में रोमांचकारी पर्यटन को प्रोत्साहन देने के साथ ही हिमालय को जानने-समझने में सहायक सिद्ध होगी। इसमें प्रतिभाग करने के लिए प्रतिभागियों की जबरदस्त प्रतिक्रिया मिल रही है। प्रतिभागियों में इसे लेकर खासा उत्साह है।

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